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हेलो दोस्तों आज मैं आप लोगों को अपने दोस्त चेतन के प्

 में बताऊँगा। जो किसी लड़की से बहुत ही गहरा और सच्चा प्यार करता था। प्यार किसी की जिंदगी में कैसा मोड़ लाता हैं इस कहानी में आप जानेंगे। चेतन अपने माता-पिता का एकलौता पुत्र था। वह बहुत ही मेहनती और होनहार लड़का था। वह घर से मेडिकल की तैयारी के लिए कोटा राजस्थान गया हुआ था। 

वह अपनी पढाई के प्रति बहुत ही गम्भीर रहता था इसलिए वह मेहनत और लगन से अपनी पढ़ाई करता था। उसके सारे काम एक नियम पर आधारित थे। समय से उठना, समय से कोचिंग जाना और समय से घर आकर पढ़ाई करना ऐसे ही लगभग उसका 6 महीने तक चलता रहा।

धीरे-धीरे उसकी क्लास में दोस्ती बढ़ती गई, सबसे अच्छे से घुल मिल गया। चेतन बहुत ही शांत स्वभाव का लड़का था। एक दिन वह क्लास में बैठा हुआ था तभी उसकी नजर क्लास की एक लड़की सारिका पर गयी जो उसे एकटक देख रही थी।

सारिका बहुत ही खूबसूरत थी जिसे क्लास के सारे लड़के पसंद करते थे, हर कोई उससे बातें करना चाहता था। लेकिन सारिका कभी इन सब चीजों की तरफ कभी ध्यान नहीं देती थी। लेकिन जब उसने चेतन को देखा क्लास के पहले ही दिन से वह उसकी तरफ आकर्षित होने लगी। हर रोज वह क्लास में आती थी और चेतन को एकटक देखती रहती थी।

जब यह बात चेतन को पता चली तो चेतन को पहले तो कुछ समझ में नहीं आया। फिर धीरे-धीरे चेतन भी उसकी तरफ आकर्षित होने लगा। चेतन बहुत ही शर्मीला लड़का था इसलिए वह कभी कुछ बोल नहीं पाया। एक दिन चेतन ध्यान लगाकर पढ़ रहा था तभी उसके फोन की रिंगटोन बजी, जब उसने फोन उठाया उस पर किसी लड़की की आवाज आई जो सारिका की आवाज लग रही थी, आवाज सुनते ही चेतन समझ गया था कि यह सारिका है फिर भी 

वह अनजान बनते हुए बोला कौन….?

सारिका ने धीरे से बोला- हेलो चेतन, मैं सारिका बोल रही हूँ। फिर दोनों की काफी देर तक बातें हुई। उन दोनों का बात करने का पहला दिन था इसलिए दोनों को कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि क्या बातें करें फिर उन्होंने अपने क्लास और पढ़ाई से संबंधित चीजे पर ही बातें किया। धीरे-धीरे इनके बीच दोस्ती भी गहरी होती गई। वें एक दूसरे से बाहर मिलने भी लगे।

चेतन ज्यादा से ज्यादा टाइम सारिका के साथ बिताने लगा। अपनी पढ़ाई पर भी ज्यादा ध्यान नहीं देता जिसकी वजह से वह मेडिकल एग्जाम में पास नहीं हो पाया। लेकिन सारिका मेडिकल एग्जाम में पास हो गयी। कोटा से निकल कर लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में दाखिला ले लिया। 

सारिका चेतन को पीछे छोड़ कर आगे बढ़ जाती है। वो धीरे-धीरे चेतन से बात करना भी बंद कर देती है। चेतन बहुत ही परेशान रहने लगा क्योंकि सारिका उसे छोड़ कर जा चुकी थी। वह मेडिकल एग्जाम भी पास नहीं कर पाया था। इसके ऊपर उसके घर वालों का भी दबाव था ।

अब उसको एहसास हो रहा था कि वह अपने माता-पिता की बात को ना मानकर बहुत बड़ी गलती कर दी। एक लड़की के लिए अपनी पूरी जिंदगी को दाँव पर लगा दी

dinesh yadav

By dinesh yadav

Hello friend & s i am a small Dard Bhari kahaniya and still studying in firlst year I love Dard Bhari kahani l ; please like Dard bhari kahaniya

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